रजिस्ट्री में ₹1.32 लाख बचाकर बेटी के खाते में जमा की राशि
रायपुर, सितंबर 2026। महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर मिलने वाली 50 प्रतिशत शुल्क छूट बलौदाबाजार की श्रीमती पायल भट्टर के लिए आर्थिक राहत के साथ बेटी के भविष्य के लिए बचत का अवसर बनी। संपत्ति की रजिस्ट्री के दौरान बचाए गए ₹1 लाख 32 हजार उन्होंने अपनी बेटी के बचत खाते में जमा कर दिए।
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत हितग्राहियों से सीधे संवाद के दौरान पायल भट्टर ने अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि पंजीयन शुल्क में मिली राहत से संपत्ति खरीदने का खर्च कम हुआ और बची राशि को बेटी के भविष्य के लिए सुरक्षित रखने का निर्णय लिया।
रजिस्ट्री में मिली राहत, बेटी के लिए बनी पूंजी
पायल भट्टर ने बताया कि महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर मिलने वाली शुल्क छूट से उन्हें ₹1.32 लाख की बचत हुई। उन्होंने इस राशि को खर्च करने के बजाय बेटी के बचत खाते में जमा किया, ताकि भविष्य में शिक्षा, जरूरत या किसी महत्वपूर्ण अवसर पर यह उसके काम आ सके।
उनके लिए यह केवल रजिस्ट्री के खर्च में हुई बचत नहीं, बल्कि बेटी के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने की एक महत्वपूर्ण शुरुआत है।
महिला के नाम संपत्ति से आर्थिक सुरक्षा
पायल भट्टर ने महिलाओं के नाम संपत्ति को प्रोत्साहित करने के लिए पंजीयन शुल्क में दी जा रही रियायत को परिवारों के लिए आर्थिक राहत देने वाला निर्णय बताया।
उन्होंने कहा कि अपने नाम संपत्ति होने से महिलाओं में आर्थिक सुरक्षा और आत्मविश्वास की भावना मजबूत होती है। पंजीयन शुल्क में बची राशि को बेटी के नाम सुरक्षित करना उनके लिए इस पहल का अतिरिक्त लाभ बना।
उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया।
महिलाओं को पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत छूट
राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के पक्ष में अचल संपत्ति के अंतरण से संबंधित दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की रियायत दी जा रही है। इसके तहत पंजीयन शुल्क की दर 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत की गई है।
इस पहल का उद्देश्य संपत्ति स्वामित्व में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के साथ उन्हें प्रत्यक्ष आर्थिक राहत उपलब्ध कराना है।
सेवा संकल्प अभियान के तहत हितग्राहियों से संवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विकसित छत्तीसगढ़ के विजन के अनुरूप, वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन विभाग सेवाओं को सरल, सुगम और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।
‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत हितग्राहियों से सीधे संवाद कर यह जाना जा रहा है कि शासन की सुविधाओं और सुधारों का लाभ नागरिकों तक किस रूप में पहुंच रहा है।
पायल भट्टर का अनुभव इसी अभियान के दौरान सामने आया, जहां पंजीयन शुल्क में मिली राहत ने संपत्ति स्वामित्व के साथ उनकी बेटी के भविष्य के लिए बचत का अवसर भी दिया।
बेटी के भविष्य के लिए सुरक्षित की बचत
पंजीयन शुल्क में मिली ₹1.32 लाख की बचत पायल भट्टर के लिए बेटी के भविष्य को सुरक्षित करने की सोच और परिवार की आर्थिक योजना का हिस्सा बन गई है। उन्होंने पूरी राशि बेटी के बचत खाते में जमा कर दी, ताकि जरूरत पड़ने पर उसका उपयोग किया जा सके।


