रायपुर। छत्तीसगढ़ में खरीफ फसलों की बोनी अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। 22 सितंबर 2026 की स्थिति में प्रदेश में 48.44 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न खरीफ फसलों की बोनी पूरी हो चुकी है। यह निर्धारित लक्ष्य का करीब 99 प्रतिशत है।
खरीफ सीजन 2026 के लिए राज्य में कुल 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। धान के अलावा मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली और रामतिल जैसी फसलों की भी बोनी की गई है।
48.44 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बोनी
राज्य में खरीफ सीजन की बोनी लक्ष्य के करीब पहुंच गई है। धान के साथ-साथ दलहन, तिलहन और अन्य फसलों का रकबा भी शामिल है। कृषि विभाग द्वारा फसलों की स्थिति और किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की लगातार निगरानी की जा रही है।
किसानों को 13.14 लाख मीट्रिक टन खाद का वितरण
खरीफ सीजन के लिए राज्य में 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य रखा गया है। इसके मुकाबले सहकारी और निजी क्षेत्रों में 17.64 लाख मीट्रिक टन खाद का भंडारण किया गया है।
अब तक किसानों को 13.14 लाख मीट्रिक टन खाद वितरित की जा चुकी है, जो निर्धारित लक्ष्य का करीब 74 प्रतिशत है।
4.58 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित
किसानों के लिए प्रमाणित बीज की उपलब्धता पर भी ध्यान दिया गया है। खरीफ सीजन के लिए 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है।
अब तक 4.80 लाख क्विंटल बीज का भंडारण और 4.58 लाख क्विंटल बीज का वितरण किया जा चुका है। यह निर्धारित मांग का करीब 93 प्रतिशत है।
1008.1 मिमी बारिश दर्ज
22 सितंबर की सुबह तक प्रदेश में 1008.1 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई है। राज्य की औसत वार्षिक बारिश 1246.3 मिमी है।
पिछले 10 वर्षों की इसी अवधि की औसत बारिश 1061.6 मिमी की तुलना में इस बार 53.5 मिमी कम बारिश दर्ज हुई है। वहीं पिछले वर्ष इसी अवधि में 881.4 मिमी बारिश हुई थी।
किसानों को 8,125 करोड़ रुपये का कृषि ऋण
चालू खरीफ सीजन में किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किसानों को बड़ी मात्रा में अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित किया गया है।
21 सितंबर तक किसानों को 8,125.51 करोड़ रुपये का कृषि ऋण दिया जा चुका है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 6,740.75 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया था।
चालू खरीफ सीजन में कुल 8,800 करोड़ रुपये कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है।
खाद-बीज की उपलब्धता पर निगरानी
किसानों की मांग के अनुसार प्रमाणित खाद और बीज उपलब्ध कराने तथा सोसायटियों में पर्याप्त भंडारण बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। खाद-बीज वितरण में लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।
राज्य सरकार के 2026-27 बजट दस्तावेजों में कृषि क्षेत्र और किसानों से जुड़ी योजनाओं को भी प्रमुखता दी गई है।
खरीफ फसलों की बोनी लगभग पूरी होने के साथ अब किसानों और कृषि विभाग का ध्यान फसल की आगे की स्थिति, खाद-बीज की उपलब्धता और कृषि गतिविधियों पर बना हुआ है।


