रायपुर। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनावों के दूसरे एवं आखिरी चरण की 70 विधानसभा सीटों पर आज कड़े सुरक्षा प्रबन्धों के बीच मतदान जारी हैं। दोपहर एक बजे तक लगभग 38 प्रतिशत मतदान होने की खबर है।राज्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार दोपहर एक बजे तक कोरबा जिले में 36 प्रतिशत, कोरिया में 40 ,गरियाबंद में 43,पेन्ड्रा मरवाही में 33,जशपुर में 42,जांजगीर में 35,दुर्ग में 37,धमतरी में 43,बलरामपुर में 45,बलौदा बाजार में 41,बालोद में 43,बिलासपुर में 30,बेमेतरा में 37,मनेन्द्रगढ़ में 36,महासमुन्द में 42,मुंगेली में 36,रायगढ़ में 43,रायपुर में 32,सक्ती में 32,सरगुजा में 41,सारंगढ़ में 42 एवं सूरजपुर में लगभग 45 प्रतिशत मतदान हुआ।
मतदान को लेकर लोगो में भारी उत्साह है।अधिकांश मतदान केन्द्रों पर लम्बी लम्बी लाईने लगी हुई है।मतदान सुबह आठ बजे जब शुरू हुआ तो कई मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं की कतार लग गई थी। राजधानी रायपुर में अधिकांश मतदान केन्द्रों पर मतदान शुरू होते ही लम्बी कतार लग गई। कुछ स्थानों पर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच नोंकझोक को छोड़कर मतदान आमतौर पर शान्तिपूर्ण चल रहा है।
मतदान सुबह आठ बजे शुरू हुआ और शाम पांच बजे तक चलेगा।केवल नक्सल प्रभावित बिन्द्रानवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के नौ मतदान केंद्रों कामरभौदी, आमामोरा, ओढ, बड़े गोबरा, गंवरगांव, गरीबा, नागेश, सहबीनकछार और कोदोमाली में मतदान सवेरे सात बजे शुरू हो गया,यहां दोपहर तीन बजे तक मतदान होगा। इनके अलावा बिन्द्रानवागढ़ के शेष मतदान केंद्रों में अन्य 69 विधानसभा क्षेत्रों की तरह मतदान सवेरे आठ बजे शुरू हुआ और शाम पांच बजे तक चलेगा।राज्य में प्रति मतदान केन्द्र पर औसतन मतदाताओं की संख्या 866 हैं। राज्य के सबसे छोटा मतदान केन्द्र भरतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र के शेराडांड गांव में बनाया गया है जहां महज पांच मतदाता है।
इस चरण के मतदान के दौरान प्रदेश के एक करोड़ 63 लाख 14 हजार 479 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 81 लाख 41 हजार 624 पुरुष मतदाता, 81 लाख 72 हजार 171 महिला मतदाता तथा 684 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं। सुगम मतदान सुनिश्चित करने के लिए कुल 18 हजार 833 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से 727 संगवारी मतदान केंद्र हैं जहां सिर्फ महिला मतदान कर्मी ही पदस्थ हैं। रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र में मतदान की पूरी जिम्मेदारी महिलाएं संभाल रही है। इस क्षेत्र में अधिकांश मतदान केन्द्रों में महिला सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए गए है।

