भोपाल। देशभर में शासकीय कर्मचारियों की तरफ से उनकी सेवानिवृत्ति की उम्र बढ़ाने की मांग लगातार की जाती रही है। इन मांगो पर सरकार की तरफ कई दफे फैसले भी लिए जाते रहे है और उनके रिटायरमेंट की उम्र में वृद्धि की जाती रही है। इसके उलट कर्मचारियों को वीआरएस का विकल्प भी दिया जाता है। यानि वह अपनी अवस्था और कार्यक्षमता के अनुसार तय उम्र से पहले भी ऐच्छिक रूप से सेवा से निवृत्त हो सकते है।
हालांकि इस बार मामला सरकारी कर्मचारी या अधिकारी से नहीं बल्कि न्याय विभाग के जजों और उनके उम्र से सम्बंधित है। दरअसल मध्यप्रदेश राज्य में न्यायधीशों के सेवानिवृत्ति के उम्र में इजाफा किये जाने को लेकर नया अपडेट सामने आया है। देश के सर्वोच्च अदालत ने भी इस मामले में अहम् टिप्पणी करते हुए उम्र बढ़ाये जाने के किसी भी फैसले पर अपनी सहमति जाहिर की है। सुको ने स्पष्ट किया है कि, मध्यप्रदेश के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जजों के रिटायरमेंट की उम्र 61 साल करने में कोई समस्या नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायलय को इस मामले में दो महीने के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए है।


