लखनऊ। उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा मंडल की भर्तियों में बड़ी गड़बड़ी उजागर हुई है, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने बड़ा एक्शन लेते हुए करीब 22 शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। इतना ही नहीं बल्कि सभी फर्जी टीचर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी तैयारी की जा रही है। सूत्रों ने बताया है कि, सरकार उनसे सेवा में रहते हुए किये गए आहरित वेतन की भी वसूली करेगी।
दरअसल एजुकेशन डाइरेक्टर (मिडिल) की तरफ से एलटी (स्नातक) के रिक्त पदों को भरने के लिए समाचार पत्रों के विज्ञापन के माध्यम से आवेदन पत्र आमंत्रित किए थे। यह अपॉइंटमेंट्स वर्ष 2014 में हुई थी। इन नियुक्तियों में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक व प्रशिक्षण अर्हता के आधार पर मेरिट बनाकर काउंसिलिंग के जरिये चयन किया गया था। लेकिन डॉक्युमेंट्स की गहराई से जाँच करने पर कई उम्मीदवारों के सर्टिफिकेट्स फर्जी पाएं गए।
इस फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद एजुकेशन डिपार्टमेंट ने सभी जिलों के डीईओ को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में तैनात शिक्षकों के दस्तावेजों की फिर से और अच्छे तरीके से जाँच करें। विभाग का कहना है कि इस तरह की गतिविधियाँ न केवल शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं, बल्कि योग्य उम्मीदवारों के अवसरों को भी छीनती हैं।

