देश की अर्थव्यवस्था को खोखला करने वाली नकली नोटों की एक खतरनाक साजिश पर शिवाजी पार्क पुलिस ने बड़ा प्रहार किया है। बांग्लादेश से भारत में नकली भारतीय मुद्रा की तस्करी करने वाले अंतरराष्ट्रीय रैकेट का खुलासा करते हुए पुलिस ने इस नेटवर्क की लेडी मास्टरमाइंड जोसना बीबी उर्फ जोसना सेराजुल शेख (49) को गिरफ्तार किया है।
झारखंड के साहिबगंज जिले में, बांग्लादेश सीमा से सटे इलाके में हुई इस गिरफ्तारी ने नकली नोटों की उस अंडरवर्ल्ड दुनिया को उजागर कर दिया है, जो पिछले दो वर्षों से देशभर में चुपचाप अपनी जड़ें फैला रही थी।
असली 60 हजार दो, बदले में 1 लाख नकली
जांच में सामने आया है कि जोसना बीबी नकली भारतीय मुद्रा की बड़ी सप्लायर थी। उसका तरीका बेहद खतरनाक और सुनियोजित था—60 हजार रुपये के असली नोट लेकर बदले में 1 लाख रुपये के हाई-क्वालिटी नकली नोट देना। पुलिस को आशंका है कि अब तक वह 12 से 14 लाख रुपये तक की नकली मुद्रा देश के विभिन्न राज्यों में खपा चुकी है।
दादर स्टेशन से खुली साजिश की परतें
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब शिवाजी पार्क पुलिस ने पिछले सप्ताह दादर रेलवे स्टेशन के पास से अमरुद्दीन शेख (61) को गिरफ्तार किया। उसके पास से 500 रुपये के नकली नोटों की कुल 72 हजार रुपये की खेप बरामद हुई। ये नोट इतने असली जैसे थे कि पहली नजर में पहचानना मुश्किल था।
पूछताछ के दौरान अमरुद्दीन शेख टूट गया और उसने नकली नोटों की सप्लाई चेन और बाजार में खपाने के पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दिया। यहीं से पुलिस की जांच बांग्लादेश सीमा तक पहुंच गई।
सीमा पार साजिश, देश के भीतर फैलाया जाल
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह रैकेट किसी एक शहर या राज्य तक सीमित नहीं था। इसके तार सीमा पार बांग्लादेश से जुड़े हुए थे। नकली नोटों की खेप भारत में दाखिल कर रेलवे स्टेशनों, बाजारों और छोटे कारोबारियों के माध्यम से खपाई जाती थी।
नेटवर्क अभी सक्रिय, और गिरफ्तारियों के संकेत
फिलहाल जोसना बीबी पुलिस रिमांड पर है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े हर व्यक्ति, हर कड़ी और हर ठिकाने तक पहुंचने की तैयारी में जुटी हैं।
सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में नकली नोटों के इस रैकेट से जुड़ी कई और चौंकाने वाली गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

