रायपुर। राज्य में धान खरीदी की वर्तमान व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए किसान मनोरमा पाठक ने इसे सराहनीय बताया है। उन्होंने कहा कि धान का उचित और सर्वाधिक मूल्य मिलने से किसानों की आय में वृद्धि हो रही है, जिससे किसान खुश हैं।
धान उपार्जन केन्द्रों में पारदर्शी एवं किसान हितैषी व्यवस्था के कारण किसानों को धान विक्रय में बड़ी राहत मिल रही है। सुव्यवस्थित प्रबंधन के चलते अब धान बेचने की प्रक्रिया सरल, सुगम और त्वरित हो गई है। अम्बिकापुर निवासी किसान मनोरमा पाठक ने धान खरीदी व्यवस्था की सराहना करते हुए बताया कि उनकी खेती ग्राम सोहगा में लगभग पांच एकड़ 20 डिसमिल भूमि में है।
मनोरमा पाठक ने बताया कि इस वर्ष अत्यधिक बारिश के कारण उनकी कुछ फसल प्रभावित हुई, जिसके चलते उनके पास लगभग 22 क्विंटल धान ही विक्रय के लिए उपलब्ध रहा। इसके बावजूद धान उपार्जन केन्द्र के माध्यम से टोकन कटवाने की प्रक्रिया पूरी तरह सुचारू रही और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
उन्होंने बताया कि करजी धान उपार्जन केन्द्र पहुंचते ही गेट पास की व्यवस्था की गई, धान की नमी की जांच समय पर हुई तथा तत्काल बारदाना उपलब्ध कराया गया। इससे धान विक्रय की पूरी प्रक्रिया बेहद सहज और व्यवस्थित रही।
समिति के धान उपार्जन केन्द्र में किसानों की सुविधा के लिए पेयजल एवं छाया में बैठने की समुचित व्यवस्था की गई है। साथ ही समिति के कर्मचारियों द्वारा किसानों को हर स्तर पर सहयोग प्रदान किया जा रहा है, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही है।

