रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान संग्रहण केंद्रों से करोड़ों रुपये के धान के गायब होने को लेकर सियासत गरमा गई है। कवर्धा और महासमुंद जिलों में सामने आए करोड़ों रुपये के धान शॉर्टेज मामले पर भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल के एक बयान ने राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है।
मीडिया के सवाल पर बृजमोहन अग्रवाल ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा—
“मुझे लगता है सरकार अब चूहों के इलाज के लिए बिल्ली की व्यवस्था करेगी।”
सांसद के इस बयान के बाद जहां विपक्ष को बैठे-बिठाए बड़ा मुद्दा मिल गया है, वहीं इसके गहरे सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में पिछले वर्ष खरीदे गए धान के उठाव के बाद कई जिलों में बड़े पैमाने पर धान की कमी सामने आई है। कवर्धा जिले में 7 करोड़ रुपये से अधिक, जबकि महासमुंद जिले में करीब 7 करोड़ रुपये के धान की कमी पाई गई है। अधिकारियों द्वारा इस शॉर्टेज के लिए चूहों और कीड़े-मकोड़ों को जिम्मेदार ठहराए जाने से सरकार की जमकर किरकिरी हो रही है।
अधिकारियों के इस तर्क पर विपक्ष ने सवाल उठाते हुए सरकार पर भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। कांग्रेस पहले से ही इस मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाए हुए है।
इन्हीं आरोप-प्रत्यारोपों के बीच सत्ता पक्ष के सांसद बृजमोहन अग्रवाल के बयान ने सरकार को असहज कर दिया है। जब मीडिया ने उनसे अधिकारियों द्वारा दी गई “चूहों द्वारा धान खा जाने” की दलील पर सवाल किया, तो उन्होंने व्यंग्य करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर कटाक्ष कर दिया।
बृजमोहन के बयान से विपक्ष को मिला बड़ा मुद्दा
सांसद के इस बयान के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस को भ्रष्टाचार का एक और बड़ा मुद्दा हाथ लग गया है। कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने सरकार को घेरते हुए कहा कि—
“चूहा पकड़ने के लिए बिल्ली पालने की योजना में भी घोटाले की पूरी संभावना है।”
राज्य में पहले से गरमाई सियासत के बीच सत्ता पक्ष के ही सांसद का यह बयान भाजपा सरकार के लिए चिंता बढ़ाने वाला माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस पूरे मामले पर किस तरह डैमेज कंट्रोल करती है। आने वाला समय ही इसकी तस्वीर साफ करेगा।

