बलौदाबाजार। बलौदाबाजार हिंसा मामले में गिरफ्तार अमित बघेल को मंगलवार को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें 20 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इसके बाद पुलिस ने अमित बघेल को बलौदाबाजार से रायपुर सेंट्रल जेल स्थानांतरित कर दिया।
अमित बघेल की बढ़ीं मुश्किलें
बलौदाबाजार में 10 जून 2024 को हुई आगजनी और हिंसा की घटना के करीब डेढ़ साल बाद पुलिस ने एक बार फिर कार्रवाई तेज कर दी है। इस मामले में अब तक 200 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अमित बघेल की हालिया गिरफ्तारी के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
वहीं अमित बघेल ने अपनी गिरफ्तारी को लेकर भाजपा पर साजिश रचने का आरोप लगाया है।
13 एफआईआर दर्ज
10 जून 2024 को हुई हिंसा के दौरान पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आगजनी की गई थी। इसके अलावा संयुक्त कार्यालय और तहसील कार्यालय में तोड़फोड़ की गई तथा कई सरकारी और निजी वाहनों को भी जला दिया गया था।
इस मामले में बलौदाबाजार सिटी कोतवाली थाने में कुल 13 एफआईआर दर्ज की गई हैं। कांग्रेस, भीम आर्मी और क्रांति सेना से जुड़े कई पदाधिकारियों की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है। अधिकांश मामलों में पुलिस चालान पेश कर चुकी है और कुछ मामलों में गवाही की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
भड़काऊ बयान मामले में पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी
छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ने के मामले में 27 अक्टूबर को जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल ने अग्रसेन महाराज और सिंधी समाज के आराध्य देवता झूलेलाल को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद अग्रवाल समाज और सिंधी समाज ने प्रदेश सहित देशभर में विरोध प्रदर्शन किया था।
इस मामले में रायपुर समेत अन्य राज्यों में भी अमित बघेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद अमित बघेल फरार चल रहे थे। करीब 26 दिन बाद 5 दिसंबर को उन्होंने देवेंद्र नगर थाने में सरेंडर किया, जहां से पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।


