रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने CG Collector Guideline 2026 में किसी भी तरह के बदलाव से साफ इनकार कर दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि हाल ही में लागू की गई मौजूदा कलेक्टर गाइडलाइन 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी। साथ ही यह भी तय किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रदेश की तहसीलों में किसी भी प्रकार का नया भूमि सर्वे नहीं कराया जाएगा।
वर्ष 2026-27 से छत्तीसगढ़ में पहली बार डायनामिक कलेक्टर गाइडलाइन सिस्टम लागू किया जा रहा है। इसके तहत जमीन की कीमतें अब साल में एक बार तय नहीं होंगी, बल्कि आवश्यकता के अनुसार किसी भी समय संशोधित की जा सकेंगी। पहले कलेक्टर गाइडलाइन में सालाना संशोधन की व्यवस्था थी, लेकिन नई प्रणाली में विकास कार्यों को ध्यान में रखते हुए कीमतों में तुरंत बदलाव संभव होगा। यदि किसी क्षेत्र में फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, एमआर रोड या अन्य बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू होते हैं, तो वहां की जमीन की कीमत बढ़ाने की अनुमति तत्काल दी जा सकेगी।
नई CG Collector Guideline 2026 को लेकर प्रदेशभर में विवाद भी सामने आया था। कांग्रेस ने इसे बड़ा मुद्दा बनाते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए थे। इसके बाद राज्य सरकार ने कलेक्टर गाइडलाइन को लेकर सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित करने का फैसला किया। 31 दिसंबर तक प्रदेशभर से करीब 2000 आपत्तियां प्राप्त हुईं, जिनमें राजधानी रायपुर से ही 100 से अधिक आपत्तियां दर्ज की गई थीं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्राप्त आपत्तियों का गंभीरता से निराकरण किया जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञों की एक टीम गठित की जाएगी, जो पंजीयन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर हर जिले में जमीन की कीमतों की समीक्षा करेगी। खासतौर पर उन क्षेत्रों पर फोकस किया जाएगा, जहां कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना है। वहीं जिन इलाकों में जमीन की कीमत कम करने की मांग की जा रही है, वहां भी वास्तविक स्थिति का गहन विश्लेषण किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि वर्ष 2026-27 के लिए लागू की गई कलेक्टर गाइडलाइन विस्तृत सर्वे और कई चरणों की जांच प्रक्रिया के बाद तैयार की गई है। अधिकारियों के अनुसार, इस गाइडलाइन में किसी बड़े बदलाव की गुंजाइश नहीं है, क्योंकि इसे बेहद सावधानी और तकनीकी मूल्यांकन के साथ लागू किया गया है।


