रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित बीटीआई मैदान में छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत द्वारा आयोजित ‘चन्ड्र जी रात, सिंधिन जो मेलो – आनंद मेलो’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने सिंधी समाज के इतिहास, संघर्ष और योगदान की सराहना की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सिंधी समाज का इतिहास पुरुषार्थ और साहस का इतिहास है। विभाजन की त्रासदी का सबसे अधिक दर्द सिंधी समाज ने झेला, लेकिन उस कठिन समय में भी उन्होंने अपने परिश्रम और आत्मसम्मान को नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि शून्य से शिखर तक कैसे पहुँचा जाता है, यह सिंधी समाज ने पूरी दुनिया को सिखाया है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास और आर्थिक प्रगति में सिंधी समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश के व्यापार, चेंबर ऑफ कॉमर्स और छोटे-बड़े व्यवसायों में सिंधी समाज की मेहनत से राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। साथ ही यह समाज हजारों लोगों को रोजगार भी प्रदान कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के सपने को साकार करने में भी सिंधी समाज का बड़ा योगदान रहेगा। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत किए गए अधिकांश वादों को लगभग ढाई वर्षों में पूरा कर लिया है और इस दिशा में लगातार कार्य जारी है।
सीएम साय ने कहा कि ‘सिंधियत जो मेलो’ जैसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, भाषा और खान-पान से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने हाल ही में शदाणी दरबार में संतों का आशीर्वाद लेने का भी जिक्र किया और कहा कि सिंधी समाज की एकजुटता उसकी सबसे बड़ी ताकत है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को चेट्रीचंड्र पर्व की अग्रिम बधाई और शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम में मुख्य मंच से सिंधु दर्शन यात्रा का भी विमोचन किया गया।
इस मौके पर छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, धमतरी महापौर रामू रोहरा, छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत अध्यक्ष अमर गिदवानी, श्रीचंद सुंदरानी सहित सिंधी समाज के कई गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

