छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां सरगुजिहा बोली बोलने पर 4 साल के बच्चे को स्कूल में एडमिशन नहीं दिया गया।
जानकारी के अनुसार, चोपड़ापारा निवासी राजकुमार यादव अपने बेटे सत्यम का एडमिशन कराने स्वरंग किड्स एकेडमी पहुंचे थे। डेमो क्लास के दौरान बच्चे ने सरगुजिहा बोली में जवाब दिया, जिसके बाद स्कूल प्रबंधन ने एडमिशन देने से इनकार कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि स्कूल ने यह कहकर मना कर दिया कि बड़े घरों के बच्चे इस भाषा को सीख जाएंगे।
मामला बढ़ने पर परिजनों ने कलेक्टर अजीत वसंत से शिकायत की, जिसके बाद जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश झा ने स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी कर चेतावनी दी है कि जवाब संतोषजनक नहीं होने पर मान्यता रद्द की जा सकती है।
वहीं, इस विवाद के बीच बचपन प्ले स्कूल ने बच्चे को नि:शुल्क एडमिशन देकर एक सकारात्मक पहल की है।
इस मामले में NSUI ने भी विरोध जताया है, जबकि पूर्व डिप्टी सीएम टी एस सिंहदेव ने कहा है कि भाषा के आधार पर भेदभाव करने वाले स्कूल पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
हालांकि, स्वरंग किड्स एकेडमी की प्रिंसिपल नेहा सिंह ने सभी आरोपों को गलत बताया है।

