छत्तीसगढ़ में ‘ग्रीन गोल्ड’ कहे जाने वाले तेंदूपत्ता से लाखों परिवारों की आजीविका मजबूत हो रही है।
प्रदेश में इस साल 13 लाख से अधिक परिवार तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य में जुड़े हैं, जिनके लिए करीब 920 करोड़ रुपए भुगतान का अनुमान है।
सरकार ने संग्रहण दर बढ़ाकर 4000 से 5500 रुपए प्रति स्टैंडर्ड बैग कर दी है, जिससे ग्रामीण और आदिवासी परिवारों की आय में बढ़ोतरी हो रही है।
इस वर्ष 902 समितियों के माध्यम से करीब 15 लाख स्टैंडर्ड बैग तेंदूपत्ता संग्रह का लक्ष्य रखा गया है।
बस्तर क्षेत्र में भी संग्रहण बढ़ा है और हजारों नए परिवार इससे जुड़े हैं। वहीं अबूझमाड़, सुकमा और केशकाल जैसे इलाकों में नए संग्रह केंद्र खोले गए हैं।
संग्रहण प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए कार्ड, भंडारण, परिवहन और बीमा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही DBT सिस्टम के जरिए भुगतान सीधे खातों में किया जाएगा।
यह पहल न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि वनवासी परिवारों के जीवन स्तर में भी सुधार लाएगी।

