दुर्ग। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज दुर्ग जिले को तकनीकी विकास, नवाचार और रोजगार के क्षेत्र में बड़ी सौगात देते हुए सिविल लाइन्स दुर्ग स्थित अत्याधुनिक आईटी पार्क का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आईटी पार्क छत्तीसगढ़ के युवाओं के सपनों, तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भर भविष्य की नई शुरुआत का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि तकनीक और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने वाला बनाना चाहती है। उन्होंने बताया कि आईआईटी भिलाई और राज्य शासन के सहयोग से निर्मित यह आईटी पार्क तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, स्टार्टअप संस्कृति और आधुनिक रोजगार अवसरों का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
40 कंपनियां शुरू कर चुकी हैं काम
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्तमान में लगभग 40 आईटी कंपनियां इस पार्क में कार्यरत हैं, जबकि 100 से अधिक कंपनियों ने भविष्य में यहां अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की सहमति दी है।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पिछले वर्ष की गई घोषणा आज धरातल पर साकार हुई है, जो सुशासन, त्वरित क्रियान्वयन और विकासोन्मुख सोच का प्रमाण है।
दुर्ग-भिलाई बनेगा तकनीकी नवाचार का केंद्र
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डिजिटल अर्थव्यवस्था, सूचना प्रौद्योगिकी और नवाचार आधारित विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि दुर्ग-भिलाई क्षेत्र शिक्षा, उद्योग और प्रतिभा का मजबूत केंद्र रहा है। आईटी पार्क की स्थापना से यह क्षेत्र तकनीकी नवाचार, डिजिटल सेवाओं और स्टार्टअप इकोसिस्टम का उभरता हुआ हब बनेगा।
युवाओं को मिलेगा स्थानीय स्तर पर रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से स्थानीय युवाओं को बड़े शहरों की ओर पलायन किए बिना अपने क्षेत्र में ही आधुनिक तकनीकी क्षेत्र में रोजगार और करियर के अवसर मिलेंगे।
3900 वर्गमीटर में विकसित हुआ आईटी पार्क
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बताया कि आईआईटी भिलाई और छत्तीसगढ़ शासन के बीच हुए एमओयू के माध्यम से इस परियोजना को आगे बढ़ाया गया है।
लगभग 3,900 वर्गमीटर भूमि पर विकसित इस आईटी पार्क का कुल निर्मित क्षेत्रफल 2,907.26 वर्गमीटर है। परिसर में:
- 40 बड़े कार्यालय कक्ष
- 5 विशाल हॉल
- मैस सुविधा
- अन्य आधुनिक सुविधाएं
उपलब्ध कराई गई हैं। सुरक्षा के लिए पूरे परिसर को बाउंड्रीवॉल से संरक्षित किया गया है।
रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों के अनुसार यह परियोजना जिले में रोजगार सृजन, कौशल विकास, तकनीकी निवेश और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।
इस अवसर पर सांसद विजय बघेल, विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, विधायक ईश्वर साहू, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

