रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं को जल्द ही महंगी बिजली का झटका लग सकता है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) ने विद्युत नियामक आयोग को बिजली दरों में 24 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं की बिजली दरों में बढ़ोतरी होगी।
6308 करोड़ रुपये के घाटे का हवाला
बिजली वितरण कंपनी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में लगभग 6,308.24 करोड़ रुपये के अनुमानित घाटे को देखते हुए टैरिफ संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
प्रस्ताव के तहत विभिन्न स्लैब में बिजली दरों में करीब 1 से 2 रुपये प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की जा सकती है, जिससे उपभोक्ताओं के मासिक बिजली बिल पर सीधा असर पड़ेगा।
घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं पर असर
यदि नियामक आयोग प्रस्ताव को मंजूरी देता है तो घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे व्यापारियों और उद्योगों की बिजली लागत भी बढ़ जाएगी। इससे आम लोगों के मासिक बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की संभावना है।
जून में आ सकता है फैसला
जानकारी के अनुसार, विद्युत नियामक आयोग इस प्रस्ताव पर पहले ही जनसुनवाई कर चुका है। उपभोक्ताओं और विभिन्न संगठनों से मिले सुझावों पर विचार करने के बाद आयोग ने कुछ अतिरिक्त दस्तावेज भी मांगे हैं।
अब अंतिम निर्णय का इंतजार है और संभावना जताई जा रही है कि जून 2026 में नई बिजली दरों को लेकर फैसला लिया जा सकता है। आयोग के आदेश जारी होने के बाद ही नई दरें पूरे प्रदेश में लागू होंगी।
वर्तमान घरेलू बिजली दरें
- 0 से 100 यूनिट – ₹4.10 प्रति यूनिट
- 101 से 200 यूनिट – ₹4.20 प्रति यूनिट
- 201 से 400 यूनिट – ₹5.60 प्रति यूनिट
- 401 से 600 यूनिट – ₹6.60 प्रति यूनिट
- 601 यूनिट से अधिक – ₹8.20 प्रति यूनिट
उपभोक्ताओं की नजर आयोग के फैसले पर
बिजली दरों में प्रस्तावित बढ़ोतरी को लेकर उपभोक्ताओं और व्यापारिक संगठनों की नजर अब विद्युत नियामक आयोग के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है। आयोग के निर्णय के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बिजली बिल में कितनी बढ़ोतरी होगी।

