बलौदाबाजार-भाटापारा। छत्तीसगढ़ के कसडोल क्षेत्र के खर्वे गांव में तीन दिनों के भीतर हुई 8 ग्रामीणों की संदिग्ध मौतों के मामले में जांच तेज कर दी गई है। ग्रामीणों के विरोध और निष्पक्ष जांच की मांग के बाद शनिवार को पुलिस, राजस्व विभाग और फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में एक शव को कब्र से निकालकर जांच के लिए रायपुर भेजा गया।
3 दिनों में 8 मौतों से गांव में दहशत
जानकारी के मुताबिक, खर्वे गांव में पिछले तीन दिनों के दौरान आठ ग्रामीणों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि सभी ने एक ही स्रोत से शराब पी थी और सेवन के कुछ ही मिनटों बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उनकी मौत हो गई।
ग्रामीणों के विरोध के बाद शुरू हुई विशेष जांच
मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों ने पहले कसडोल थाने का घेराव किया था। इसके बाद प्रशासन ने विशेष जांच शुरू की। शनिवार को पुलिस, राजस्व विभाग और एफएसएल (FSL) की टीम गांव पहुंची और कानूनी प्रक्रिया के तहत कब्र की खुदाई कर एक शव बाहर निकाला।
मैत्रु साहू का शव जांच के लिए भेजा गया
जांच के लिए निकाले गए शव की पहचान मैत्रु साहू के रूप में हुई है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव और अन्य सैंपलों को विस्तृत फॉरेंसिक जांच के लिए रायपुर भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर अन्य शवों की भी जांच कराई जा सकती है।
जहरीली शराब के आरोप, फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
ग्रामीणों ने गांव के ही एक व्यक्ति पर शराब में जहरीला पदार्थ मिलाने का आरोप लगाया है। हालांकि प्रशासन ने अभी तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

