CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में बड़ा बदलाव करते हुए राशन वितरण के लिए लागू OTP आधारित व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। अब राशन कार्डधारकों को केवल बायोमेट्रिक सत्यापन (अंगूठे के निशान) के आधार पर ही राशन मिलेगा।
खाद्य संचालनालय द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार अब राशन दुकानों में OTP के जरिए चावल या अन्य खाद्यान्न का वितरण नहीं किया जाएगा। जिला खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले राशन दुकान संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी और उनका लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है।
OTP से कैसे हो रहा था गड़बड़झाला?
विभागीय जांच में सामने आया कि कई जगह लाभार्थियों की अनुपस्थिति में उनके मोबाइल नंबर पर आए OTP के जरिए राशन जारी किया जा रहा था। कुछ मामलों में हितग्राही OTP देकर नकद राशि ले लेते थे, जबकि सरकारी चावल को खुले बाजार में बेच दिया जाता था। इसी तरह की शिकायतों के बाद सरकार ने व्यवस्था में बदलाव का फैसला लिया।
अब क्या बदला?
नई गाइडलाइन के अनुसार राशन प्राप्त करने के लिए परिवार के मुखिया और सदस्यों की ई-केवाईसी पूरी होना जरूरी होगा। इसके बाद आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए ही राशन वितरित किया जाएगा। नॉमिनी के जरिए राशन लेने की स्थिति में भी बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य रहेगा।
इन लोगों को मिलेगी विशेष छूट
सरकार ने 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों, 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों, एकल निराश्रितों और दिव्यांग हितग्राहियों को विशेष परिस्थितियों में राहत देने का प्रावधान रखा है। ऐसे मामलों में OTP आधारित सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है।
‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ योजना के तहत सख्ती
खाद्य विभाग के मुताबिक राशन वितरण को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए यह व्यवस्था वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना के तहत लागू की जा रही है। सरकार का मानना है कि इससे सरकारी चावल की अवैध बिक्री पर रोक लगेगी और वास्तविक हितग्राहियों को उनका पूरा लाभ मिल सकेगा।

