CG Health News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही के मामलों पर लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के डी.डी. अस्पताल, सेमरा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन ने अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर (OT) और आईसीयू वार्ड को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है। साथ ही अस्पताल का पंजीयन (लाइसेंस) अस्थायी एवं सशर्त रूप से निरस्त कर दिया गया है।
यह कार्रवाई 22 जून को गंभीर हालत में जिला अस्पताल से सिम्स बिलासपुर रेफर की गई प्रसूता ज्योति सोनवानी के उपचार से जुड़े मामले की जांच के बाद की गई। शिकायत मिलने पर गठित जांच टीम ने अस्पताल में कई गंभीर अनियमितताएं पाईं।
जांच में सामने आया कि अस्पताल में गंभीर मरीजों के इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर, प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ और आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। इसके अलावा आयुष्मान भारत योजना के हितग्राहियों से अतिरिक्त शुल्क लेने की शिकायतें भी जांच के दायरे में आईं।
निरीक्षण में यह भी पाया गया कि एक्लेम्प्सिया जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज का उपचार आवश्यक विशेषज्ञों और पर्याप्त सुविधाओं के बिना किया गया। अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट और पोस्ट ऑपरेटिव देखभाल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के बावजूद गंभीर मरीजों का इलाज किया जा रहा था।
प्रशासन ने अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था, लेकिन जांच में कई दावे सही नहीं पाए गए। इसके बाद जिला प्रशासन ने अस्पताल के OT और ICU को सील करने तथा लाइसेंस को अस्थायी एवं सशर्त रूप से निरस्त करने का आदेश जारी किया।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। चिकित्सीय लापरवाही या नियमों के उल्लंघन के मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।


