रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) द्वारा आबंटित भूखंडों एवं निर्मित परिसरों के आबंटितियों के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026 को मंजूरी दे दी गई। सरकार का मानना है कि इस फैसले से लंबित मामलों के समाधान, रुकी हुई परियोजनाओं को गति और नवा रायपुर में निवेश को नया प्रोत्साहन मिलेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का हर निर्णय विकास को गति देने और जनहित में व्यावहारिक समाधान उपलब्ध कराने की सोच पर आधारित है। उन्होंने कहा कि OTS योजना-2026 से निवेशकों का विश्वास मजबूत होगा, लंबित प्रकरणों का निराकरण होगा और नवा रायपुर के समग्र एवं नियोजित विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार निवेशकों के लिए पारदर्शी, भरोसेमंद और विकासोन्मुख वातावरण तैयार करने के लिए लगातार नीतिगत फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना उन आबंटितियों के लिए सुनहरा अवसर है, जो अपनी परियोजनाओं को आगे बढ़ाना चाहते हैं। इससे रुकी हुई परियोजनाओं को गति मिलेगी, न्यायालयीन विवाद कम होंगे और भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा।
योजना के तहत ऐसे आबंटितियों को भी विकल्प मिलेगा, जो परियोजना विकसित करने के इच्छुक नहीं हैं। वे आबंटित भूमि प्राधिकरण को समर्पित कर अनुबंध से बाहर हो सकेंगे। इससे अनावश्यक मुकदमेबाजी कम होगी और भूमि का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।
OTS योजना-2026 योजना लागू होने की तिथि से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि में प्राप्त आवेदनों पर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में विभिन्न भू-उपयोग श्रेणियों के अंतर्गत लंबित बड़ी संख्या में प्रकरण इस योजना से लाभान्वित होंगे।
एनआरडीए के अनुसार, योजना के तहत भूमि प्रीमियम में किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी और किसी भी भूमि का सेटलमेंट वर्तमान रिजर्व प्रीमियम मूल्य से कम पर नहीं होगा। इससे प्राधिकरण को कोई वित्तीय नुकसान नहीं होगा, जबकि पात्र आबंटितियों को ब्याज एवं अधिभार में लगभग 61.96 करोड़ रुपये की राहत मिलने का अनुमान है।
सरकार का कहना है कि OTS योजना-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन से नवा रायपुर में रुकी हुई विकास परियोजनाएं फिर से शुरू होंगी, निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा, मुकदमेबाजी में कमी आएगी और नवा रायपुर के नियोजित एवं आधुनिक शहर के रूप में विकास को नई दिशा मिलेगी।


