नई दिल्ली। पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन एक बार फिर तेज हो गया है। इस बीच एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील से देश के किसानों के हितों को कोई नुकसान नहीं होगा।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके ने बताया कि सोनम वांगचुक मंगलवार को अपना अनशन समाप्त करने वाले थे, लेकिन सोमवार को प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद उन्होंने अनशन जारी रखने का फैसला किया है।
दीपके ने कहा कि संगठन ने सोनम वांगचुक से स्वास्थ्य को देखते हुए अनशन समाप्त करने का आग्रह किया था, लेकिन प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं के बाद उन्होंने आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल संसद मार्च नहीं निकाला जाएगा, क्योंकि संगठन छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है।
इधर, संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग, बाराखंभा और कनॉट प्लेस थानों में अज्ञात लोगों के खिलाफ पांच एफआईआर दर्ज की हैं। आरोपियों पर दंगा करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने जैसी धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है।
वहीं, कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल ने सरकार पर छात्रों के साथ कठोर व्यवहार का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी संसद में पेपर लीक का मुद्दा उठाएगी। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी दोहराई।


