रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार आधारित योजनाएं ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से जशपुर जिले की महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। इसी कड़ी में दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिमड़ा की पूनम देवी सफलता की नई मिसाल बनकर उभरी हैं।
गणेश महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य पूनम देवी आज ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। कभी परिवार की आजीविका के लिए मजदूरी पर निर्भर रहने वाली पूनम ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर बचत, ऋण सुविधा और स्वरोजगार के अवसरों का लाभ उठाया और अपने जीवन को नई दिशा दी।
समूह की अन्य महिलाओं को सफल होते देखकर उन्होंने भी स्वरोजगार अपनाने का निर्णय लिया। मार्च 2025 में उन्होंने मुद्रा योजना के तहत 1 लाख रुपये का ऋण प्राप्त कर अपनी किराना दुकान का विस्तार किया। व्यवसाय को योजनाबद्ध तरीके से संचालित करने के कारण उनकी आय में लगातार वृद्धि हुई।
वर्तमान में उनकी किराना दुकान से हर महीने लगभग 30 से 35 हजार रुपये की बिक्री हो रही है। इससे वे परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के साथ बच्चों की शिक्षा पर भी बेहतर ढंग से खर्च कर पा रही हैं।
पूनम देवी का कहना है कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है और आर्थिक स्थिरता आई है। आज वे न केवल अपने परिवार का मजबूत सहारा बनी हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित बिहान मिशन ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए उन्हें स्वरोजगार और सम्मानजनक आजीविका से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।


