रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को आधुनिक और लाभकारी खेती अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है। इसी का सकारात्मक परिणाम गरियाबंद जिले में देखने को मिला है, जहां छुरा विकासखंड के ग्राम कसेकेरा के किसान हेमचंद साहू ने पारंपरिक धान की खेती से आगे बढ़कर गेंदा फूल की व्यावसायिक खेती अपनाई और करीब 2 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया।
राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत उद्यानिकी विभाग के सहयोग से हेमचंद साहू ने 0.48 हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग तकनीक के साथ गेंदा फूल की खेती शुरू की। विभागीय अधिकारियों के मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता से उन्होंने वैज्ञानिक पद्धति से खेती करना सीखा, जिससे उत्पादन बढ़ा, लागत नियंत्रित रही और फसल की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ।
हेमचंद साहू ने अपने गेंदा फूलों की बिक्री स्थानीय बाजार के साथ-साथ रायपुर में भी की। बेहतर उत्पादन और बाजार मिलने से उन्हें लगभग 2 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा प्राप्त हुआ। उनका कहना है कि पहले केवल धान की खेती से परिवार की जरूरतें पूरी करना मुश्किल था, लेकिन अब फूलों की खेती ने उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर दिया है।
उनकी सफलता से प्रेरित होकर आसपास के किसान भी व्यावसायिक स्तर पर गेंदा फूल की खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कम भूमि में अधिक आय देने वाली फूलों की खेती किसानों के लिए लाभकारी विकल्प बन रही है। ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग जैसी आधुनिक तकनीकों से जल संरक्षण के साथ उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि हो रही है।
हेमचंद साहू की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि सरकारी योजनाओं का लाभ, वैज्ञानिक खेती और समय पर तकनीकी मार्गदर्शन किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।


