नई दिल्ली। कर्नाटक सरकार ने जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा, पान मसाला समेत अन्य उत्पादों पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। राज्य खाद्य सुरक्षा आयुक्त कार्यालय की ओर से 10 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना के बाद यह रोक तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
प्रतिबंध के तहत तंबाकू और निकोटीन वाले गुटखा-पान मसाला के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर रोक रहेगी। खाद्य सुरक्षा विभाग ने कारोबारियों को आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि गुटखा, तंबाकू या निकोटीन को अलग-अलग पाउच या सैशे में इस तरह बेचा जाता है कि उन्हें आसानी से मिलाकर सेवन किया जा सके, तो ऐसे उत्पाद भी प्रतिबंध के दायरे में आएंगे। पैकेज्ड या बिना पैकेजिंग के किसी भी नाम या ब्रांड से बेचे जाने वाले ऐसे उत्पादों पर रोक लागू रहेगी।
प्रतिबंध को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग ने राज्यभर में निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान शुरू कर दिया है। विभाग की टीमें निर्माण इकाइयों, भंडारण स्थलों, परिवहन व्यवस्था और बिक्री केंद्रों की जांच कर रही हैं।
विभाग ने आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है। सरकार ने कहा है कि यदि कहीं प्रतिबंधित तंबाकू या निकोटीन उत्पादों का निर्माण, बिक्री या वितरण होता दिखाई दे, तो इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी जाए।
कर्नाटक सरकार के अनुसार, इस फैसले का उद्देश्य तंबाकू सेवन से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को कम करना और राज्य में स्वस्थ एवं नशामुक्त वातावरण को बढ़ावा देना है।



