समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनीं तारा देवी राठौर
बिहान योजना से मिला आर्थिक संबल, समूह से ऋण लेकर शुरू किया स्वरोजगार
रायपुर, सितंबर 2026। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) ‘बिहान’ के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वसहायता समूहों से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। ग्राम पंचायत करमरी निवासी श्रीमती तारा देवी राठौर इसकी एक मिसाल हैं।
स्वसहायता समूह से जुड़कर मिला अवसर
श्रीमती तारा देवी राठौर जय मां दुर्गा स्वसहायता समूह की अध्यक्ष हैं। उनका समूह भूमिका ग्राम संगठन और करमरी क्लस्टर संगठन के माध्यम से सर्वोदय क्लस्टर संगठन, शामपुर से जुड़ा हुआ है। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आजीविका संवर्धन गतिविधियों में भाग लेने और आर्थिक रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिला।
समूह ऋण से शुरू की मोबाइल दुकान
समूह के माध्यम से ऋण प्राप्त कर तारा देवी राठौर ने मोबाइल दुकान शुरू की। वर्तमान में उनके पुत्र दुकान का संचालन कर रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मोबाइल दुकान से परिवार को प्रतिमाह लगभग ₹20,000 तक की आय हो रही है।
इस आमदनी से परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में सहयोग मिल रहा है।
स्वरोजगार से परिवार को मिला आर्थिक सहारा
तारा देवी राठौर के अनुसार, स्वसहायता समूह से जुड़ना उनके लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रहा। समूह से मिले ऋण का उपयोग उन्होंने स्वरोजगार शुरू करने में किया, जिससे परिवार की आय बढ़ाने में मदद मिली। आज मोबाइल दुकान उनके परिवार की आमदनी का एक महत्वपूर्ण साधन है।
बिहान योजना से आत्मनिर्भरता की राह
बिहान योजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को समूहों में संगठित कर वित्तीय और आजीविका संबंधी अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। तारा देवी राठौर का उदाहरण दर्शाता है कि समूह से जुड़ाव और ऋण की मदद से महिलाएं स्वरोजगार शुरू कर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा सकती हैं।


