बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के खपरगंज इलाके में दो पक्षों के बीच हुए विवाद, मारपीट और पथराव के मामले में फरार चल रहे आरोपी सोहेल खान ने देर रात सरेंडर कर दिया। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। घटना के दौरान पुलिस पर भी पथराव किया गया था, जिसमें टीआई समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। तनाव को देखते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और धारा 144 लागू है।
एसएसपी रजनेश सिंह ने मामले में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के सख्त निर्देश दिए हैं। सोहेल खान की गिरफ्तारी के लिए पुलिस उसके रिश्तेदारों के घर और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही थी। उसके परिजनों से भी थाने में पूछताछ की गई। इसके बाद सोहेल देर रात पुलिस के सामने सरेंडर करने पहुंचा।
सरेंडर से पहले मीडिया से बातचीत में सोहेल खान ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि वह घटना में शामिल नहीं था। उसका दावा है कि उसे झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। उसने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सोहेल को हिरासत में लेने के बाद एसीसीयू की टीम ने देर रात तक उससे पूछताछ की। पुलिस उससे घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों और उनके संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस उसे कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अब तक दोनों पक्षों के 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि, दूसरे पक्ष के लोगों ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दूसरे पक्ष के कुछ युवकों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, खपरगंज में युवकों के दो गुटों के बीच विवाद हुआ था। बताया गया कि सोशल मीडिया पर की गई कथित हिंदू विरोधी टिप्पणी और पुरानी रंजिश को लेकर विवाद शुरू हुआ। इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट और पथराव होने लगा। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने और लाठीचार्ज करना पड़ा। इसी दौरान भीड़ की ओर से पुलिस पर भी पथराव किया गया, जिसमें तारबाहर टीआई रवि तिवारी समेत पुलिसकर्मी घायल हुए।
पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज खंगालकर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस की अलग-अलग टीमें फरार आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। मामले में एक पक्ष का मुख्य आरोपी ठाकुर राम सिंह अभी भी फरार बताया जा रहा है।


