नस्ल सुधार से बदली किसान विनोद की जिंदगी, बछिया बनी आर्थिक समृद्धि का आधार
नारायणपुर के धौड़ाई गांव में पशुपालन से परिवार को मिला दूध और अतिरिक्त आय का जरिया
रायपुर, सितंबर 2026। नारायणपुर जिले के धौड़ाई गांव निवासी किसान श्री विनोद नुरेटी के परिवार को पहले रोजमर्रा की जरूरत के लिए दूध जुटाने में परेशानी होती थी। गांव में दूध की उपलब्धता कम होने और बाजार में ऊंची कीमतों के कारण उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। पशुधन विकास विभाग के मार्गदर्शन और विनोद की मेहनत से यह स्थिति बदली और पशुपालन उनके लिए आजीविका का नया जरिया बना।
कृत्रिम गर्भाधान से नस्ल सुधार की शुरुआत
दूध की समस्या का समाधान खोजने के लिए विनोद नुरेटी ने पशुधन विकास विभाग से संपर्क किया। विभागीय सलाह पर उनकी देशी गाय का कृत्रिम गर्भाधान कराया गया। इसके परिणामस्वरूप एक उन्नत नस्ल की बछिया का जन्म हुआ। यह उनके लिए नस्ल सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
उन्नत मादा वत्स पालन योजना से मिला आर्थिक सहयोग
बछिया के बेहतर पोषण और नस्ल संवर्धन के लिए विनोद को पशुधन विकास विभाग की उन्नत मादा वत्स पालन योजना के तहत ₹18,000 की अनुदान राशि प्रदान की गई। इसके साथ ही विभाग की ओर से समय-समय पर नि:शुल्क पशु चिकित्सा देखभाल और जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
दूध उत्पादन से अतिरिक्त आय
विभागीय मार्गदर्शन और अनुदान की मदद से विनोद ने बछिया की बेहतर देखभाल की। समय के साथ वह दुधारू गाय के रूप में विकसित हुई। अब विनोद के परिवार को घर पर दूध मिल रहा है। साथ ही, दूध, दही और घी बेचकर वे हर महीने अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रहे हैं।
पशुपालन से आत्मनिर्भरता की ओर
पहले दूध के लिए दूसरों पर निर्भर रहने वाला परिवार अब खुद दूध उत्पादन कर रहा है। विनोद नुरेटी के लिए यह योजना केवल बछिया के पालन तक सीमित नहीं रही, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिरता और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी सहायक बनी है।
विभागीय जानकारी के अनुसार, नस्ल सुधार, आर्थिक सहायता और पशु चिकित्सा सेवाओं के सहयोग से विनोद के परिवार को दूध की उपलब्धता के साथ अतिरिक्त आय का अवसर मिला है।


