रायपुर, सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना नारायणपुर जिले के श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की नई राह तैयार कर रही है। आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के कारण जिन प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में बच्चों को पढ़ाना श्रमिक परिवारों के लिए कठिन था, अब योजना के माध्यम से मेधावी बच्चों को उन्हीं संस्थानों में निःशुल्क शिक्षा का अवसर मिल रहा है।
कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क आवासीय शिक्षा
योजना के तहत जिले के पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण और आवासीय शिक्षा प्रदान की जा रही है। इससे दूरस्थ और आदिवासी अंचलों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो रहा है।
राजकुमार कॉलेज में साहिल दुग्गा का चयन
ग्राम खरगांव में राजमिस्त्री का कार्य करने वाले रामधर दुग्गा के पुत्र साहिल दुग्गा का चयन राजकुमार कॉलेज, रायपुर में हुआ है। परिवार ने इस अवसर पर खुशी जताई। रामधर दुग्गा ने कहा कि श्रमिक परिवार के लिए इतने प्रतिष्ठित विद्यालय में बच्चे को पढ़ाना आसान नहीं होता, लेकिन योजना से उनके बेटे की पढ़ाई की राह आसान हुई है।
अन्य बच्चों को भी प्रतिष्ठित संस्थानों में अवसर
नारायणपुर के जगदीश मंदिर वार्ड की रेजा-कुली डिगेश्वरी जैन की पुत्री तेजल जैन का चयन दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), राजनांदगांव में निःशुल्क अध्ययन के लिए हुआ है।
वहीं, ओरछा तहसील के ग्राम कुतुल की रेजा-कुली गणेशिया उसेंडी की बेटी दिप्ती उसेंडी और ग्राम बाकुलवाही के दयाल सिंह पात्र की पुत्री पूर्वी पात्र का चयन संस्कार द गुरुकुल, बस्तर में हुआ है। ग्राम बोरण्ड निवासी बेनु राम राना के पुत्र हिमांशु राना को कृष्णा एजुकेशन सोसायटी, भिलाई में रहकर पढ़ाई करने का अवसर मिला है।
शिक्षा के साथ आत्मविश्वास को भी बढ़ावा
अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना केवल निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण देकर उनके आत्मविश्वास और प्रतिभा को विकसित करने का अवसर भी प्रदान कर रही है। योजना से लाभान्वित परिवारों ने श्रम विभाग के प्रति आभार जताते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन का धन्यवाद व्यक्त किया है।


