रायपुर। पीएससी 2021 की भर्ती में हुई गड़बड़ी को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि याचिका में कही बातें सही मिली तो पीएससी पर कार्रवाई होगी। मगर अगर यह पाया जाता है कि याचिका सिर्फ राजनीतिक कारणों और बिना तथ्यों के आधार पर दायर हुई है तो इस पर भी हम संज्ञान लेकर कार्रवाई करेंगे।
उल्लेखनीय है कि पीएससी 2021 की भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए 18 चयनित उम्मीदवारों की सूची कोर्ट के समक्ष याचिकाकर्ता ननकीराम कंवर ने प्रस्तुत की है। इसमें पीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी के आधा दर्जन के करीब रिश्तेदार डिप्टी कलेक्टर सहित अन्य पदों पर चयनित हुए हैं। इसके अलावा राज्य लोक सेवा आयोग के सचिव अमृत खलखो के बेटी व बेटे, मुंगेली के तत्कालीन कलेक्टर एल्मा के बेटे, कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला के बेटे,बस्तर नक्सल आपरेशन डीआइजी की बेटी सहित ऐसे 18 लोगों की नियुक्तियां गलत तरीके से होने की जानकारी दी गई है। पिछले दरवाजे से की गई इन नियुक्तियों को रद्द करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।
सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच ने कहा कि हम गुणदोष के आधार पर फैसला देंगे। सभी पक्ष संयम बरतें। याचिकाकर्ता द्वारा जिन मुद्दों को लेकर याचिका दायर की गई है और आरोप के संबंध में जो तथ्य प्रस्तुत किए गए हैं अगर सही पाए जाते हैं तो राज्य लोक सेवा आयोग के खिलाफ कार्रवाई होगी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता द्वारा दायर जनहित याचिका में तथ्य गलत पाए जाते हैं तो याचिकाकर्ता के खिलाफ कार्रवाई होगी। साथ ही इस बात की भी जांच की जाएगी कि याचिकाकर्ता ने याचिका क्यों दायर की। उनका उद्देश्य क्या था।

