नई दिल्ली। सितम्बर का महीना सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इस महीने महंगाई भत्ते (DA) में इजाफे का ऐलान किया जा सकता है। चूंकि यह सातवें वेतन आयोग के तहत अंतिम बढ़ोतरी होगी, क्योंकि इसके बाद आठवें वेतन आयोग के लागू होने की उम्मीद है। इस बीच सरकारी कर्मचारियों के बीच अपने बकाये एरियर्स को लेकर भी चर्चा जोरो पर है। बताया जा रहा है कि, प्रस्तावित महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के साथ ही एरियर्स का ऐलान भी किया जा सकता है।
दरअसल केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के दौरान केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) की तीन किस्तों पर रोक लगा दी थी। अब सवाल यह है कि क्या इन 18 महीनों का बकाया एरियर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा? इस मुद्दे पर लोकसभा में सांसद आनंद भदौरिया ने कोविड-19 के दौरान केंद्र सरकार के कर्मचारियों के डीए बकाया के संबंध में प्रश्न उठाए और सरकार से सीधा सवाल पूछा गया। इसका सटीक जवाब केंद्र सरकार ने संसद में दे दिया।
इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, सरकार ने संसद में बताया कि 1 जनवरी 2020, 1 जुलाई 2020 और 1 जनवरी 2021 से मिलने वाली 18 महीनों की तीन किस्तों का भुगतान कोरोना महामारी के दौरान रोकने का फैसला किया गया था। उस समय देश की अर्थव्यवस्था बिगड गई थी। सरकारी खजाने पर भारी दबाव पड़ा था। ऐसे में खर्च का बोझ कम करने और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया था।
जब सरकार से पूछा गया कि रुका हुआ DA और DR कब तक जारी होगा? इस पर वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान हुए आर्थिक नुकसान और कल्याणकारी योजनाओं पर हुए अतिरिक्त खर्च का असर 2020-21 से आगे भी रहा। ऐसे में फिलहाल इन बकाया किस्तों का भुगतान संभव नहीं है।
महंगाई भत्ता यानी Dearness Allowance (DA) सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी का एक अहम हिस्सा होता है। यह भत्ता उन्हें महंगाई के असर से राहत देने के लिए दिया जाता है। देश में लगातार बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है। ऐसे समय में DA की बढ़ोतरी कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा और राहत देती है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार जुलाई 2025 से लागू होने वाले महंगाई भत्ते की दर में 3 से 4 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर सकती है। अगर यह अनुमान सही साबित हुआ, तो कर्मचारियों का कुल DA बढ़कर 58% या 59% तक पहुंच जाएगा। यह वृद्धि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स दोनों के लिए बड़ी खुशखबरी होगी।
DA में संशोधन साल में दो बार किया जाता है। एक बार जनवरी में और दूसरी बार जुलाई में। अगर इस बार भी यही पैटर्न फॉलो किया गया, तो जुलाई 2025 से लागू बढ़ोतरी का फायदा कर्मचारियों को सितंबर–अक्टूबर 2025 में मिलेगा। इसके साथ ही, कर्मचारियों को जुलाई से अगस्त तक का एरियर (arrear) भी एकमुश्त दिया जाएगा। इसका मतलब है कि त्योहारों के मौसम से पहले कर्मचारियों को जेब खर्च के रूप में अच्छी रकम मिल सकती है।
DA Hike News Hindi: DA में संशोधन साल में दो बार किया जाता है—एक बार जनवरी में और दूसरी बार जुलाई में। अगर इस बार भी यही पैटर्न फॉलो किया गया, तो जुलाई 2025 से लागू बढ़ोतरी का फायदा कर्मचारियों को सितंबर–अक्टूबर 2025 में मिलेगा। इसके साथ ही, कर्मचारियों को जुलाई से अगस्त तक का एरियर (arrear) भी एकमुश्त दिया जाएगा। इसका मतलब है कि त्योहारों के मौसम से पहले कर्मचारियों को जेब खर्च के रूप में अच्छी रकम मिल सकती है।
DA की गणना उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के आधार पर की जाती है। यह इंडेक्स देश में महंगाई की स्थिति दिखाता है। जैसे ही CPI-IW बढ़ता है, वैसे-वैसे DA की दर भी बढ़ाई जाती है। सातवें वेतन आयोग के तहत DA की गणना के लिए एक निश्चित फॉर्मूला तय किया गया है। यहाँ 261.42 बेस इंडेक्स है। जब CPI-IW इस बेस से ऊपर जाता है, तो DA में बढ़ोतरी की जाती है। मई 2025 तक का पूरा CPI-IW डेटा अभी सामने नहीं आया है। लेकिन शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि महंगाई की दर स्थिर बनी हुई है या थोड़ी कम है। ग्रामीण मजदूरों और कृषि श्रमिकों के CPI डेटा में हल्की गिरावट दर्ज की गई है।

