बेंगलुरु। कर्नाटक के डीजीपी (सिविल राइट्स एनफोर्समेंट) के. रामचंद्र राव को एक कथित अश्लील वीडियो वायरल होने के मामले में राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दफ्तर में एक महिला के साथ निजी पलों से जुड़े वीडियो सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
सोमवार को सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए, जिनमें डीजीपी राव को महिलाओं के साथ कथित तौर पर आपत्तिजनक स्थिति में देखा गया। वीडियो सामने आते ही राज्य सरकार ने त्वरित कदम उठाते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया।
हालांकि, रामचंद्र राव ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने वीडियो को पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत बताते हुए कहा कि उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है। राव ने गृह मंत्री जी. परमेश्वर से मिलने की कोशिश भी की, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। मंत्री के आवास के बाहर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा,
“मैं हैरान हूं, यह सब fabricated है। मुझे नहीं पता ये वीडियो कैसे सामने आए।”
राव ने यह भी दावा किया कि यदि वीडियो पुराने बताए जा रहे हैं, तो वे करीब आठ साल पुराने हो सकते हैं, जब वे बेलगावी में पदस्थ थे। उन्होंने कहा कि वे अपने वकील से सलाह लेकर कानूनी कार्रवाई करेंगे।
सरकारी आदेश में क्या कहा गया
कर्नाटक सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि राव का कथित आचरण सरकारी कर्मचारी की गरिमा के खिलाफ है और इससे सरकार को शर्मिंदगी उठानी पड़ी है। प्रथम दृष्टया उनका आचरण All India Services (Conduct) Rules, 1968 का उल्लंघन प्रतीत होता है, इसलिए उन्हें निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान वे बिना लिखित अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
पहले भी विवादों में रहे हैं राव
यह पहला मौका नहीं है जब आईपीएस रामचंद्र राव विवादों में आए हों। इससे पहले उनकी बेटी रान्या राव का नाम सोने की तस्करी से जुड़े एक मामले में सामने आ चुका है, जिसमें उन्हें आरोपी भी बनाया गया था।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि जांच में कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा,
“कानून सबके लिए समान है, चाहे अधिकारी कितना भी वरिष्ठ क्यों न हो।”
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और सरकार आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर करेगी।

