नई दिल्ली। अमेरिकी बाजार में सोने की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है। एक ही दिन में स्पॉट गोल्ड करीब 5.7 प्रतिशत टूटकर 5,104.6 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। हाल ही में 5,595 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड उच्च स्तर को छूने के बाद अब सोना करीब 8 प्रतिशत नीचे फिसल चुका है।
ताजा रिपोर्ट के अनुसार स्पॉट गोल्ड की कीमत 1.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ 5,334 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रही थी। वहीं फरवरी डिलीवरी के लिए अमेरिकी सोने के वायदा भाव भी करीब 2 प्रतिशत तक कमजोर रहे। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि रिकॉर्ड स्तर के बाद मुनाफावसूली और वैश्विक बाजारों में बढ़ी अस्थिरता के चलते सोने पर दबाव बना है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी दिख सकता है।
भारतीय बाजार में गुरुवार को सोने की कीमतें ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,83,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर बंद हुआ था। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 1,80,779 रुपये और अप्रैल डिलीवरी वाला कॉन्ट्रैक्ट 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था।
हालांकि शुक्रवार को इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों में सोने की कीमतों में नरमी देखने को मिली। 24 कैरेट सोना घटकर 1,75,340 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि 23 कैरेट सोना 1,74,638 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज किया गया। 22 कैरेट सोने का भाव 1,60,611 रुपये और 18 कैरेट सोना 1,31,505 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा।
शहरों के हिसाब से देखें तो दिल्ली, लखनऊ, नोएडा, गुरुग्राम और जयपुर में 24 कैरेट सोना करीब 1,79,010 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है। मुंबई, कोलकाता और पुणे में सोने का भाव करीब 1,78,860 रुपये रहा। वहीं चेन्नई में 24 कैरेट सोना सबसे महंगा रहा, जहां इसका भाव 1,83,290 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया।
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक पिछले कारोबारी दिन दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने ने नया इतिहास रच दिया था। 24 कैरेट सोना एक ही दिन में 12,000 रुपये की तेजी के साथ रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना पहली बार 5,600 डॉलर प्रति औंस के पार गया था।
विशेषज्ञों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव, कमजोर डॉलर और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के चलते सोने की कीमतों में तेजी आई थी। हालांकि रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचते ही मुनाफावसूली शुरू हो गई, जिससे कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। आने वाले दिनों में सोने की चाल वैश्विक हालात और डॉलर की मजबूती पर निर्भर करेगी।

