रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने कृषि को अधिक लाभकारी, तकनीक आधारित और किसान-केंद्रित बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों का दावा किया है। शुक्रवार को आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कृषि मंत्री रामविचार नेताम और कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी और मत्स्य पालन विभाग की प्रगति और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी।
मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता किसानों की आय बढ़ाना, खेती की लागत कम करना और आधुनिक तकनीक के जरिए कृषि को टिकाऊ बनाना है।
खरीफ सीजन के लिए खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता
सरकार के अनुसार खरीफ 2026 के लिए 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों के लक्ष्य के मुकाबले 30 जुलाई तक 15.16 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है। किसानों द्वारा 10.23 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का उठाव किया जा चुका है, जबकि लगभग 4.93 लाख मीट्रिक टन उर्वरक अभी भी उपलब्ध हैं। प्रमाणित बीजों का भी लगभग 98 प्रतिशत भंडारण पूरा कर लिया गया है।
25.52 लाख किसानों को ₹35,892 करोड़ की सहायता
कृषक उन्नति योजना के तहत खरीफ 2023 से खरीफ 2025 तक लगभग 25.52 लाख किसानों को 35,892.90 करोड़ रुपये की सहायता सीधे डीबीटी के माध्यम से प्रदान की गई है। वहीं धान के स्थान पर अन्य फसल लेने वाले किसानों के लिए प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है।
पीएम किसान और डिजिटल कृषि पर जोर
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत प्रदेश के 24.63 लाख किसानों को 23वीं किस्त में 493 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई। राज्य में 36 लाख से अधिक किसानों का डिजिटल पंजीयन किया जा चुका है और एग्रीस्टैक के माध्यम से विभिन्न योजनाओं को एकीकृत कर पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
आधुनिक खेती और प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा
प्रदेश में अब तक 7,745 किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए हैं तथा 568 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किए गए हैं। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत लगभग 41,967 हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई का विस्तार किया गया है। वहीं 57 हजार से अधिक किसान प्राकृतिक खेती से जुड़े हैं।
पशुपालन, उद्यानिकी और मत्स्य पालन में भी प्रगति
सरकार के अनुसार उद्यानिकी फसलों का रकबा बढ़कर 8.91 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है। ऑयल पाम और बांस रोपण में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पशुपालन क्षेत्र में दूध, अंडा और मांस उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है, जबकि मत्स्य उत्पादन लगभग 23 प्रतिशत बढ़कर 9.59 लाख टन तक पहुंच गया है।
कृषि अधोसंरचना को मिली गति
प्रदेश की 21 मंडियां ई-नाम प्लेटफॉर्म से जुड़ चुकी हैं। कृषि अवसंरचना निधि (AIF) के तहत 1,900 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 3,026 करोड़ रुपये की उपलब्धि दर्ज की गई है। साथ ही प्रदेश की मंडियों में 885 करोड़ रुपये की लागत से अधोसंरचना विकास कार्य स्वीकृत और निर्मित किए गए हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक तकनीक, पारदर्शी व्यवस्था और किसान हितैषी योजनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ की कृषि को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।


